दज़ला और फरात नदी के किनारे पनपी सभ्यता बाबर के सदर-उस-सुदूर (धार्मिक मामलों का मंत्री) शेख जेतुद्दीन ख्वाजा ने फारसी भाषा में इसका अनुवाद किया। औरंगजेब के उत्तराधिकार की लड़ाई का विवरण आकिल खाँ रचित वाकयात-ए-आलमगीरी में दिया गया है। रिजकुल्लाह मुश्ताकी द्वारा रचित वाकयात-